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अपनों से परफेक्ट होने की उम्मीद ना करें…19 सलाह ?

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अपनों से परफेक्ट होने की उम्मीद ना करें
अपनों से परफेक्ट होने की उम्मीद ना करें

क्या आप अपनों के बीच सम्मान पाना चाहते हैं, प्रेम पाना चाहते हैं, उनके बीच लोकप्रिय होना चाहते है तो जाते हुए साल की इन 19 सलाह को ध्यान से पढ़ें। जितना हो सके, इनमें से अधिकांश को अपनाने का प्रयास करें !

  1. आप जिन्हें चाहते हैं और जिनकी फ़िक्र करते हैं, उन्हें इस बारे में जरूर बताएं कि आप उनकी कितनी चिंता करते हैं !
  2. अपनों से सिर्फ कहें नहीं, बल्कि मौका पड़ने पर अपना प्रेम और उनके प्रति फ़िक्र भी दिखाएं !
  3. अपनों की मुश्किलों पर स्वयं आगे बढ़कर उनके साथ खड़े हों। उनके बुलावे का इंतजार ना करें।
  4. अपनों से परफेक्ट होने की उम्मीद ना करें। वे जैसे हैं, उन्हें वैसे ही सिर्फ स्वीकार कर लें।
  5. गलती होने पर तुरंत स्वीकारें, माफी मांगें या माफ करें।
  6. अपनों के साथ कम से कम तनाव रखें।
  7. अपनों के साथ विनम्र व्यवहार करें। अक्सर इंसान बाहरवालों के साथ विनम्र रहता है, लेकिन अपनों के साथ रूखा व्यवहार करता है।
  8. अपनों के लिए किए गए कामों को उपकार या अहसान नहीं, कर्तव्य के रूप में देखें।
  9. अपनों के साथ हरसंभव ईमानदारी रखें। कोशिश करें कि अपनों का भरोसा ना टूटे।
  10. अपनों पर भरोसा करें। हो सकता है कि कभी-कभी गलतियां होती हों लेकिन अपनों के भरोसे की कमी इंसान को भीतर से कमजोर बनाती है।
  11. हो सकता है कि आप शक्तिशाली या समृद्ध हों मगर फिर भी अपनों की बात सुनें, उन्हें अभिव्यक्ति का मौका दें।
  12. अपनों को समस्या समझने की जगह उनकी समस्या को समझने की कोशिश करें।
  13. व्यस्तता के बीच भी अपनों के लिए समय निकालें।
  14. जो हो सके, उनके लिए करें और भूल जाएं क्योंकि अपनों से अपेक्षा नहीं करनी चाहिए।
  15. अपनों के सामने अपने लबादे (अपनी कृत्रिमता) हटा दें। वास्तविक रहें और ईगो को छोटा रखें।
  16. अपनों की तरक्की में योगदान दें। यह योगदान सलाह, आर्थिक, समय या प्रोत्साहन किसी भी स्वरूप में हो सकता है।
  17. दूसरों के सामने अपनों की तारीफ करें। अच्छाइयां गिनाएं। निंदा या आलोचना अकेले में करेंगे तो आपका सम्मान बढेगा।
  18. अपनों को अपनी जरूरत पूरी करने वाली मशीन ना समझें, क्योंकि उनकी भी अपनी व्यक्तिगत जिंदगी हो सकती है। यह संभव नहीं है कि आपके अपने आपकी हर जरुरत को जीवन भर पूरा कर पाएं।
  19. उन्होंने अतीत में भी आपके लिए कुछ किया हो या आज भी कर रहें हो, तो उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें।

जब हमने अपने कार्यक्रम में प्रतिभागियों से बात की, तब हमें यह अहसास हुआ कि लोग अपनों से प्यार तो करते हैं लेकिन जताते नहीं हैं। अक्सर अपने ही लोग प्राथमिकता में पीछे चले जाते हैं। यूं तो दुनिया में करोड़ों लोग रहते हैं, लेकिन अपने लोग तो मुठ्ठी भर ही होते हैं। इन सादे मगर बेहद प्रभावशाली नियमों का पालन करके इस बार अपनों के लिए कुछ ऐसा कीजिए कि उन्हें आपको अपना कहने पर गर्व हो….धन्यवाद जय हिंदी जय भारत

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