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Computer Ki Paribhasha Kya Hai – कंप्यूटर शब्द का इतिहास क्या है?

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Computer Ki Paribhasha Kya Hai - कंप्यूटर शब्द का इतिहास क्या है?

Computer Ki Paribhasha Kya Hai – अक्सर प्रतिवर्ष कंप्यूटर की परीक्षा में यह सवाल देखने को मिल ही जाता है! यदि आप अभी स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं! या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर लेते हैं! तो Definition of computer in Hindi के विषय में डीटेल्ड इनफॉरमेशन आपको इस आर्टिकल में मिलने वाली है।

इस डिजिटल युग में रोजमर्रा के अनेक कार्यों में तथा जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में हम कंप्यूटर का उपयोग आज देख सकते हैं!

इसीलिए कंप्यूटर शिक्षा के विषय पर वर्तमान में सभी स्कूलों, शिक्षण संस्थानों द्वारा अधिक जोर दिया जा रहा है! स्कूली पढ़ाई करने वाले सभी छात्रों एवं कंप्यूटर के छात्रों के लिए कंप्यूटर के विषय में हम नियमित रूप से महत्वपर्ण जानकारी इस साइट पर पब्लिश करते हैं।

लेकिन आज हम इस लेख में पाठकों के लिए Computer Ki Paribhasha एवम् कंपूटर से जुड़ी अन्य उपयोगी जानकारियां लेकर आए हैं तो आइए जानते हैं।

Computer Ki Paribhasha Kya Hai & Definition ?

कंप्यूटर एक प्रोग्रामेबल मशीन है! जिसका इस्तेमाल जानकारियों को संचित करने, खोजने उन्हें मिटाने व्यवस्थित करने तथा परिकलन करने एवं अन्य मशीनों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।

2nd Definition

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन या डिवाइस है! यह मशीन नंबर, लेटर्स इत्यादि के रूप में डाटा को Store एवं Process करने, Data को पुनः प्राप्त (Retrive) करने के अलावा मनुष्य की तुलना में कैलकुलेशनन को काफी तीव्र एवम् सटीक करने में सक्षम होती है।

⇓ कंप्यूटर दो भागों से मिलकर बना है सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर ⇓Computer Ki Paribhasha

1. और इन दोनों भागों की सहायता से ही एक कंप्यूटर यूजर्स द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार कार्य करता है!

2. यदि सॉफ्टवेयर में खराबी हो तो कंप्यूटर कार्य नहीं कर सकता वहीं हार्डवेयर में परेशानी हो यह तब भी कार्य करने से वंचित होता है। अतः सॉफ्टवेयर हार्डवेयर दोनों एक दूसरे के पूरक हैं जिनसे यह मशीन कार्य करती है।

3. जब आप कंप्यूटर को ऑपरेट करते हैं! तो सबसे पहले यह मशीन किसी इनपुट डिवाइस के माध्यम से इनपुट के रूप में यूजर से Raw (अपूर्ण) जानकारी प्राप्त करती है!

4. फिर मशीन इस Raw डेटा को किसी प्रोग्राम के अंतर्गत Process करती है! जिसे हम set of instructions भी कहते हैं। यह प्रोसेसिंग कंप्यूटर के इंटरनल सिस्टम में होती है।

5. डाटा प्रोसेसिंग पूरी करने के बाद मशीन आउटपुट के रूप में रिजल्ट show करती है! हम इस डाटा को कंप्यूटर डिवाइस में स्टोर करके भी भविष्य में इस डाटा का इस्तेमाल कर पाते हैं।

आज कंप्यूटर विभिन्न sizes में मार्केट में अवेलेबल है! जिनके अनुसार इसके कार्य करने की क्षमता भी भिन्न होती है! इनके बारे में हम आगे जानेंगे भी लेकिन उससे पहले हम समझते हैं कंप्यूटर शब्द कैसे आया।

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Computer शब्द का इतिहास क्या है ?

दोस्तों जैसा कि हम जानते हैं! कंप्यूटर की अनेक खूबियों की वजह से आज कंप्यूटर मशीन का उपयोग व्यापार में स्कूलों में अस्पतालों इत्यादि के साथ साथ पर्सनल कार्यों के लिए घरों में भी होता है। लेकिन कंप्यूटर शब्द का पहली बार इस्तेमाल अर्थात इसकी उत्पत्ति एक लैटिन शब्द Computer से की हुई थी

Computer शब्द का अर्थ है! एक ऐसा डिवाइस जो गणना करने में उपयोग किया जाता हों! माना जाता है कि Computer शब्द का पहली बार इस्तेमाल सोलहवीं शताब्दी में हुआ! जब कंप्यूटर शब्द को पहली बार 1613 ई○ में एक पुस्तक जिसका नाम the Young mans gleanings में इस्तेमाल किया गया। और यही से कंप्यूटर शब्द काफी पॉपुलर हो गया।

आइए जानते हैं कंप्यूटर की फंक्शनैलिटी के आधार पर कितने टाइप के कंप्यूटर होते हैं।

कंप्यूटर की डाटा प्रोसेसिंग क्षमता के आधार पर बाज़ार में आपको विभिन्न sizes, दाम तथा फीचर्स में कंप्यूटर देखने को मिल जाएंगे।

Analog Computer:-

Computer Ki Paribhasha

यह कंप्यूटर सबसे पुराने प्रकारों में से एक है! जिसका इस्तेमाल विशेषकर एनालॉग डाटा को प्रोसेस करने के लिए किया जाता है! एक डिजिटल कंप्यूटर की तुलना में एनालॉग कंप्यूटर काफी अलग होता है! क्योंकि एनालॉग कंप्यूटर चर भौतिक मात्रा (variable physical Quantity) के आधार पर अंकगणितीय ऑपरेशन करता है।

1950 के दशक में इस प्रकार के कंप्यूटर का इस्तेमाल वैजिनिक उद्देश्य से तथा अधौगिकी के लिए होता था।

Personal computer:-

Computer Ki Paribhasha

पर्सनल कंप्यूटर को हम डेस्कटॉप कंप्यूटर्स के नाम से भी जाना जाता है! दुनिया में पहला पर्सनल कंप्यूटर IBM कंपनी द्वारा बनाया गया था। कम लागत, बेहतर प्रदर्शन की सुविधा के साथ पर्सनल कंप्यूटर का उपयोग आज ऑफिस एवं घरों में देखा जा सकता है। लैपटॉप, माइक्रो कंप्यूटर, टेबलेट इत्यादि पर्सनल कंप्यूटर के ही प्रकार है।

Workstation:-

सामान्य कंप्यूटर्स की तुलना में वर्क स्टेशन कंप्यूटर्स को सिर्फ टेक्निकल एवं साइंटिफिक एप्लीकेशन के उद्देश्य बनाया गया है। वर्क स्टेशन कंप्यूटर उच्च परफॉर्मेंस युक्त कंप्यूटर सिस्टम होते हैं!.

जिन्हें मुख्यतः एक Single यूजर के कार्य करने के लिए डिज़ाइन किया गया होता है! वर्कस्टेशन कंप्यूटर्स की लागत अधिक होने के साथ ही इनमें advance Graphics क्षमता एवम् अधिक स्टोरेज की सुविधा भी मिलती है।

Mini Computer:-

Mini computer को Midrange कंप्यूटर भी कहा जाता है! इस प्रकार के कंप्यूटर्स को एक से अधिक उपयोगकर्ता चला सकते हैं! इसलिए आप इसे मल्टी प्रोसेसिंग सिस्टम भी कह सकते हैं। मिनी कंप्यूटर के लिए कुछ बेस्ट एग्जांपल्स हैं IBM’s AS/400e, Honeywell200, TI-990.

मिनी कंप्यूटर का आकार इतना भी छोटा नहीं! होता जितना इनके नाम से पता चलता है! इनका उपयोग scientific and engineering computations, business-transaction processing, file handling  के लिए उपयोग होता है।

Super Computer

सुपर कंप्यूटर आकार में सबसे अधिक परफॉर्मेंस में सबसे फास्ट एवं दाम में भी सबसे अधिक कीमती होते हैं।

कंप्यूटर को किसने बनाया है?

Charles Babbage को कंप्यूटर का Father अर्थात पितामह कहा जाता है! उन्होंने सबसे पहले मैकेनिकल कंप्यूटर को डिजाइन किया गया था इस कंप्यूटर को एनालिटिकल इंजन नाम दिया गया।

1. शुरुआत में कंप्यूटर का आकार एवं दाम काफी अधिक होता था! इसके अलावा कंप्यूटर की कार्य प्रणाली भी सीमित थी।

अतः यदि हम आज के कंप्यूटर्स की तुलना पहले के कंप्यूटर से करें! तो उनमें जमीन आसमान का फर्क होता है।

2. लेकिन पर्सनल कंप्यूटर आने के बाद कंप्यूटर की एक क्रांति आई जिससे सामान्य जनों के लिए भी कंप्यूटर का उपयोग करना संभव हो सका।

3. आज कंप्यूटर्स की बदौलत कई सारे कार्य संभव हो पाते है! जिन्हें पहले सोचना भी मुश्किल था तो आइए समझते हैं कि..

पर्सनल कंप्यूटर की शुरुआत कब हुई ?

Personal Computer की शुरुआत 1970 के दशक से हो गई थी! हालांकि जब बात आती है पर्सनल कंप्यूटर की तो इस इंडस्ट्री में Microsoft Corporation को हम सभी जानते हैं! लेकिन बता दें पर्सनल कंप्यूटर का इतिहास माइक्रोसॉफ्ट IBM के पहले पर्सनल कंप्यूटर से काफी पुराना है।

विश्व का पहला पर्सनल कंप्यूटर वर्ष 1975 में लांच किया गया जिसका नाम kits: The MITS Altair 8800 रखा गया। इस कंप्यूटर का डिजाइन एवं आकार एक बॉक्स की तरह था! माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की शुरुआत से पूर्व बिल गेट्स एवं उनके दोस्त पॉल एलेन ने मिलकर altair कंप्यूटर के लिए एक बेसिक प्रोग्राम code किया था।

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साथियों इस पोस्ट में आपने जाना Computer Ki Paribhasha Kya Hai ? साथ ही हमने कंप्यूटर से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां ली एवं उसके इतिहास को भी पढ़ा है।

यह जानकारी आपको पसंद आई होगी आप लेख से जुड़े अपने विचारों को कमेंट सेक्शन के जरिए हमें बता सकते हैं और इस जानकारी को सोशल मीडिया पर भी शेयर कर सकते हैं।

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