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ख़ुशी की खातिर इस दिवाली हम करे ये ३ काम ! गरीब की दिवाली

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ख़ुशी की खातिर इस दिवाली हम करे ये ३ काम ! गरीब की दिवाली

Aaj Diwali Par Aap Kya Karenge? हर बार की तरह अमावस की रात के अंधेरे को मिटाने के लिए खूब सारे दीये जलाएंगे, नए कपड़े पहनेंगे, मंदिर जाएंगे, पूजा करेंगे, पटाखे छोड़ेंगे और बहुत से ऐसे कार्य करेंगे जो आप रोज़ नहीं करते। ऐसी दिवाली तो बहुत मनाई। चलिए इस बार कुछ नया करते हैं जिससे आपको स्वयं पर गर्व हो सके।

Diwali Kaise Manaye ! Garib Ki Diwali

नमस्कार दोस्तों फिर से स्वागत है आपका All Hindi Support में आज फिर से आपके लिए एक Motivational आर्टिकल लेके आया हूँ पूरा अंत तक पड़े बहुत मेहनत लगती है लिखने में…

1 गरीबों से मोलभाव बंद कर उनकी मंदी मिटाइए

आज Diwali के दिन चाहे आप दीये, बाती. पटाखे खरीदें या फिर तोहफे। जो भी खरीदें, कोशिश कीजिए कि सबसे निचले तबके से खरीदें। उस बूढ़ी अम्मा से खरीदें जो सड़क किनारे बैठी है और शायद बाकी बचे दीये वापस घर लेकर जाने वाली है क्योंकि उसके दीये नहीं बिक पाए। दुनिया कितनी ही मंदी-मंदी चिल्लाए, हम लोग बड़ी आसानी से इन लोगों के घर में त्योहार के समय मंदी को आने से रोक सकते हैं। एक बात और याद रखिए। इनसे मोल-भाव मत कीजिए क्योंकि हम पांच सौ का पिज्जा और दो सौ का पॉपकॉर्न लेते हुए सक्षम लोगों को पूरे पैसे देने में गर्व समझते हैं। सब्जी बेचने वाली महिला, रिक्शेवाला और सभी गरीब लोगों से छोटी-छोटी धनराशि के लिए बहुत देर तक मोल-भाव करते हैं। ज़रा भीतर से बड़े हो जाइए। ऊपर वाला भी उनके लिए अपना दिल खोलता है, जो दूसरों को देने के लिए अपनी जेब खोलते हैं। इस बार मोल-भाव मत कीजिए। उल्टा छुट्टे उनके लिए छोड़ दीजिए क्योंकि भगवान ने आपको खूब सक्षम बनाया है।

यही आदतें हम लोगों को अपने वीआईपी कार्यक्रम में सिखाते हैं और उनसे उम्मीद करते हैं कि उनका हर दिन दिवाली हो और वे अपना जीवन ऐसे जिए मानो हर दिन एक त्योहार हो।

2 खुशहाल देशों में हम 140वें नंबर पर, अब इसे बदलते हैं

मैं मेरे घर पर सुखी-सम्पन्न हूं, आप अपने घर में सुखी हैं। फिर भी हमारा देश खुश क्यों नहीं है? हमारा देश खुशी के सूचकांक में दुनिया के 156 देशों में 140वें नंबर पर क्यों है? इतना बड़ा देश, इतनी प्राचीन संस्कृति, संयुक्त परिवार, तीज-त्योहार और खुशियों के बीच भी देश खुशी के सूचकांक में इतना पीछे क्यों जा रहा है, ‘यह तो मैं नहीं जानता। मैं यह जरूर जानता हं कि हम सब मिलकर अपने देश को खुश बना सकते हैं आइए इस दिवाली पर संकल्प लें कि हर रोज एक-दो लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाएंगे। आज से ही शुरुआत करते हैं। जहां भी जाएं, जेब में हाथ डालें और किसी जरूरतमंद के हाथ में कुछ खुशियां धर दें। हम सबने यदि खुद मुस्कराने और दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाने का निश्चय ले लिया तो ‘वर्ल्ड हैप्पीनेस इंडेक्स’ में हम आगे निकल जाएंगे। विश्व खुशी सूचकांक के इस आंकड़े का अफसोस है, लेकिन केवल अफसोस करने की जगह आपके साथ मिलकर उसे बदलना चाहता हूं।हम हाथ मिला लेंगे तो ज्यादा मुश्किल नहीं आएगी।

3 भूरवे देशों में 103वें नंबर पर, चलिए भूरव मिटाते हैं

भारत ग्लोबल हंगर इंडेक्स में 119 देशों में 103वें नंबर पर है। इसका अर्थ यह है कि देश में लाखों लोग दो वक्त की रोटी भी नहीं खा पा रहे हैं। उन सबके बीच इस दिवाली में भी हमारे घरों में बहत दिनों तक मिठाइया बटेंगी, पार्टियां चलेंगी। एक तरफ खूब सारा अन्न व्यथ जाएगा, दूसरी तरफ बहुत सारे लोग भूखे सोएंगे। एक छोटा-सा संकल्प लें कि हम लोग इस दिवाली पर एक दाना अन्न भी व्यर्थ जाने नहीं देंगे। यदि घर में कभी कुछ ज्यादा बन गया है तो हम प्रयास करेंगे कि फेंकने के बजाय वह किसी जरूरतमंद के मुंह का निवाला बने। हम अपने बच्चों को इस बात की शिक्षा देंगे कि वे अन्न की कीमत को समदों और उसे व्यर्थ ना जाने दे।

दोस्तों इस आर्टिकल से हमे क्या सिख मिलती है मुझे कमेंट में जरूर बताये और इस लेख को सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करे धन्यवाद जय हिंदी जय भारत

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